अध्याय 138

कैट्निस ने हल्के-फुल्के, बेपरवाह अंदाज़ में बात की। सेड्रिक का चेहरा उसी पल उतर गया। मेज़ पर जो माहौल पहले ही अजीब था, वह और भी विचित्र हो गया।

कैट्निस ने हमेशा की तरह उनकी तरफ़ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और अपने खाने में लगी रही। सेड्रिक की प्लेट वैसी ही सामने रखी थी, छुई तक नहीं गई। वह उसे देखता रहा...

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